भोजपुरी होली 13 -करे ले ठिठोली रे कान्हा |
करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
रंगवा नहवावे रे सखिया गगरिया मे भरी के |
बड़ा रे ई बाउर लागे जमुना के पनिया हो |
मीठी फुसलाई कहे आवा राधा रनीया हो |
मारी पिचकारी ये सखिया अँचरा के धरी के |
करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
केतनों लुकाई रे बनवा खोजी हमे ले ले हो |
झटके से आई कान्हा अंकवारी भरी ले ले हो |
डूबी मरी जाई रे सखिया जमुना मे डूबी के |
करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
काहे लगवला कान्हा राधा संग पिरितीया हो |
रुकमनी के धई हथवा कईला काहे घतीया हो |
उठाई लेता हमके बिधना जईती हम मरी के |
करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
भोजपुरी होली 13 -करे ले ठिठोली रे कान्हा |
Comments
15 responses to “भोजपुरी होली 13 -करे ले ठिठोली रे कान्हा |”
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Good
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dhanywaad pargyaa ji
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वेलकम
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Good
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haardik aabhaar kanachan ji jay sri krishna
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Good
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ddhanywad
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Jay krishna
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jay shree radhe karishna
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Nice
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Nice
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thank you
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वाह
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aabhar
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सुंदर
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