8 Comments

  1. बाहर-भीतर एक ही रंग हो
    अलग-अलग नहीं डालो।
    भीतर स्याह बाहर दिलकश
    ____________ कवि सतीश जी की लाजवाब अभिव्यक्ति लिए हुए बहुत ही सुंदर रचना अति उत्तम प्रस्तुति और उम्दा लेखन

  2. बहुत ही लाजवाब अभिव्यक्ति उम्दा लेखन प्रेम से होली मनाने के बाद कहती हुई तथा मानवता का पाठ पढ़ाती हुई रचना

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