5 Comments

  1. मंज़िल की ओर कदम बढ़ाने की चाहत दर्शाती हुई कवि सतीश जी की बहुत सुन्दर कविता है. सुन्दर भवाभिव्यक्ति और अति सुन्दर प्रस्तुति..

Leave a Reply