3 Comments

  1. बिल्कुल सही बात लिखी है आपने। अमिता जी, एकता जी व पाठक जी की बहुत सुंदर कविताओं के रसास्वादन का अवसर प्राप्त हो रहा है। बहुत आनंद की अनुभूति हो रही है।

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