कुछ खट्टी कुछ मीठी
बातों को
सुनने और सुनाने को
जी करता है
मेरा जब भी
तेरी आँचल में
आ जाता हूँ।
तू जननी है
जन्मभूमि है
तेरी गोद में
आकर मैया
सुख जन्नत
का पा जाता हूँ।।
मातृभूमि
Comments
4 responses to “मातृभूमि”
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Good
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Nyc
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वाह
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Nice
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