10 Comments

  1. यह कवि गीता जी की बहुत सुंदर हास्य रचना है। हास्य के साथ साथ यथार्थ समाया हुआ है। बहुत खूब वाह

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका सतीश जी 🙏 हास्य कविता आपको अच्छी लगी इसके लिए आपका हार्दिक आभार.

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