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  1. आपके काव्य में ध्वनिसूचक शब्दों की पहल से कविता का नाद सौंदर्य में इज़ाफ़ा हुआ है, आपकी कविता पढ कर निराला जी की कविता ‘झर झर झर निर्झर गिरि सर में’ याद आ गई

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