11 Comments

  1. तुफानो से डरना नहीं,
    गिरि बनकर अड़े रहना,
    जब हिम्मत न हो पहाड़ बनने कि,
    चिराग बनकर बूझ जाना|
    पहाड़ से टकराकर तुफान भी,
    वापस चला जाएगा,
    रहा गर दीपक मे तेल
    कोई जलाने चला आएगा|
    ——————————-

    बहुत सुन्दर रचना

    (1) तुम भले ही मुह फुला दो
    मुस्कुराना छोड़ना मत,
    ——-बहुत ही सुन्दर संदेश 👌
    (2) जब कभी इजहार करना हो
    तुम्हें चाहत का अपनी,
    बोल देना खुल के सब कुछ,
    क्या कहूं यह सोचना मत,
    ——- स्वतंत्रता का संदेश👌
    हर एक पंक्ति में बहुत खूबसूरत यथार्थ परख रचना

  2. बहुत ही शानदार प्रस्तुति और ख़ूबसूरत भावाभिव्यक्ति ।
    सुन्दर शिल्प और वही चिर परिचित लय बद्ध शैली ।
    बहुत सुंदर कविता है सर..

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