12 Comments

  1. मुस्कुरा कर बोलना,
    इन्सानियत का जेवर है।
    यूं तेवर न दिखलाया करो,
    हम करते रहते हैं इंतज़ार आपका,
    – रोमानियत अंदाज की बहुत खूबसूरत पंक्तियां। मुस्कुराने को प्रेरित करती शानदार रचना। बेहतरीन शिल्प, खूबसूरत भाव।

    1. इतनी सुन्दर और प्रेरणा देती हुई समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत
      बहुत धन्यवाद सतीश जी।आपकी समीक्षा वास्तव में कवि हृदय में उत्साह का संचार करती हैं, हार्दिक आभार सर

  2. मुस्कराहट दिलों को जोड़ती है,
    क्रोध रिश्ते, इज्जत और दिल सबकुछ खत्म कर देता है
    सुंदर रचना

  3. सुंदर रचना गीताजी। वैसे देखा जाए तो सही मायने में मुस्कुराहट की कीमत तेवर झेलने बाद ही तो समझ आती है !

  4. सर्वश्रेष्ठ कवि, सर्वश्रेष्ठ आलोचक और सर्वश्रेष्ठ सदस्य सम्मान की बहुत बहुत बधाई गीता जी।

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