मेरी हिंदी,मेरा अभिमान!

मेरी भावनाओं में;
जो उत्तथ-पुथल है ,
उनको शांत !
वो आराम से कर सकती है,
माना बहुत सारी है,
भाषाएं इस संसार में,
मगर मेरी आत्मा को तृप्त!
मेरी हिंदी ही कर सकती है।

हिंदी दिवस की सबको हार्दिक शुभकामनाएं।
🙏🙏मोहन सिंह मानुष

Comments

14 responses to “मेरी हिंदी,मेरा अभिमान!”

  1. Geeta kumari

    हिंदी भाषा के सम्मान में बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ।

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      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद

  2. कम पंक्तियां परन्तु सुंदर पंक्तियां

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  3. हिंदी के प्रति बेहद प्रेम भावना को प्रकट करती हुई बहुत सुंदर पंक्तियां👏👏👏

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत आभार

  4. मातृभाषा हिन्दी को समर्पित सुन्दर कविता

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद सर

  5. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत बहुत धन्यवाद सर

  6. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी

  7. This comment is currently unavailable

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी

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