मेरे गम!मुझे तू,
इतना रुसवा ना कर ,
मैं बारिश के इंतजार में हूं,
फिर उसमें नहाकर ,सब आंसू बहाकर,
तुझे हल्का-सा कर दूंगा।
मेरे गम! मुझे तू.……. (शायरी)
Comments
10 responses to “मेरे गम! मुझे तू.……. (शायरी)”
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वाह
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धन्यवाद शास्त्री जी 🙏
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बहुत खूब
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धन्यवाद सर
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धन्यवाद मास्टरजी
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👌👌
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🙏
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बेहतरीन
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🙏🙏
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