मेरे मन के कोने में

तुम बिल्डर हो
उम्र में इल्डर हो
हो सके तो
मेरे मन के किसी कोने में
अपना घर बना लो।
वीरान -सा छाया है
हर तरफ यहाँ पर
अपने प्यार का
सुंदर -सा शहर बना लो।।

Comments

5 responses to “मेरे मन के कोने में”

  1. Geeta kumari

    वाह, भाई जी

  2. बहुत खूब, सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Praduman Amit

    वाह पंडित जी बात पते की है।

  4. बहुत ही सुन्दर

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