7 Comments

  1. “नौका पकड़ एक, कर पार सरिता यही जोश देती तुझे आज कविता।”
    मेहनत का पाठ पढ़ाती हुई कवि सतीश जी की बेहद प्रेरक रचना है
    पेड़ लगाएंगे तभी तो फल देगा, वाह बहुत लाजवाब अभिव्यक्ति
    सुन्दर लय बद्ध शैली सहित अत्यन्त उत्साह वर्धक कविता । लेखनी को अभिवादन

  2. कर्म ही पूजा है बचपन से सुना है और यह सत्य भी है क्योंकि कर्म के बिना मनुष्य का शरीर बेकार हो जाता है
    जैसे किसी लोहे में जंग लग जाती है अगर उसका उपयोग ना किया जाए..
    यही भाव आपकी रचना में प्रखर रूप से नजर आया है…

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