मैं…

चलो ‘मैं’ को,
‘मैं’ से लड़ाते हैं!
जीतकर ,
फिर ‘मैं’ से
‘हम’ बनाते हैं।

विशेष–>
यमक अलंकार का प्रयोग
एक “मैं ” अपने आप के लिए
दूसरा ” मैं ” अहंकार के लिए

Comments

10 responses to “मैं…”

  1. Geeta kumari

    यमक अलहंकार का बहुत ही सुंदर प्रयोग।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत-बहुत धन्यवाद मैडम जी

  2. बहुत ही सुन्दर भाव, भावपक्ष और कलापक्ष दोनों ही बेहतरीन हैं।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏 सर

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद

    2. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      Thank you

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद शास्त्री जी

  3. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर

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