10 Comments

  1. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सावन में आनंद विभोर मन की संयोग श्रृंगारित संवेदना प्रस्फुटित हुई है, वाह

  2. प्रेम की पराकाष्ठा को प्रकट करते हुए श्रृंगार रस की बहुत ही उत्तम रचना इसमें प्रकृतिक क्या सुंदर प्रयोग किया गया है

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