4 Comments

  1. पानी के बुलबुले सी,
    छोटी सी है ज़िन्दगी
    क्यों बैर भाव रखें किसी से,
    कर लें प्रभु की बन्दगी॥
    ——- बहुत ही सुन्दर रचना, लाजवाब प्रस्तुति

Leave a Reply