यह न समझो हम कभी रोये नहीं
आसुंओं से चेहरा धोए नहीं।
पी गए भीतर ही भीतर अश्रुजल
बस दिखावे के लिए रोये नहीं।
यह न समझो
Comments
14 responses to “यह न समझो”
-

Very Nice
-
Thanks
-
-

बहुत बढ़िया
-
धन्यवाद जी
-
-

सुन्दर ।
आँसूओ से कहाँ कोयी अछूता
कभी न कभी हर कोयी रोता-
इतनी सुंदर टिप्पणी हेतु हार्दिक धन्यवाद।
-
-

बहुत खूब
-
धन्यवाद सर
-
-
सुंदर
-
Thanks
-
-

Nice
-
Thanks
-
-

बहुत बढ़िया वाह जी
-
Thank you
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.