याद आते हैं वो पल

याद आते हैं वो पल
जो बिताये साथ तेरे
अब नहीं रौनक रही
तेरे बिना कुछ पास मेरे।
खोजता हूँ पल वही
बीते दिनों को ढूंढता हूँ ,
अवसर गंवाकर खो दिया तू
शून्य है अब हाथ मेरे।

Comments

12 responses to “याद आते हैं वो पल”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    जो दिल के बहुत क़रीब होते हैं उनकी यादें हमें सच में भावुक कर देती है।
    भावपूर्ण ,अतिसुंदर

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद जी

    1. Satish Pandey

      Thanks

  2. Indra Pandey

    Atisundar

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद

  3. MS Lohaghat

    बहुत खूब

  4. Satish Pandey

    धन्यवाद जी

  5. Kumar Piyush

    waah

    1. Satish Pandey

      Thanks

  6. सुंदर रचना,मार्मिक

  7. Satish Pandey

    धन्यवाद

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