ये क्या है ? क्यूं है !

जाने क्यूं तुमसे
प्यार-सा हुआ
जाने अनजाने
इकरार-सा हुआ,
तुम लाख बुरे सही
पर अपने से हो
लाख दूरियां हैं फिर भी
पास रहते हो..
ये क्या है ! क्यूं है !
नहीं जानती हूँ मैं,
पर जो भी है
तुम्हें अपना मानती हूँ मैं…

Comments

4 responses to “ये क्या है ? क्यूं है !”

  1. Geeta kumari

    वाह क्या बात है, बहुत खूब

    1. धन्यवाद दी

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