ये रणबांकुरे भारत के,सीमा पर देखो खड़े हैं
हम चैन से सोएं रातों को, दुश्मन से वो लड़े हैं
गर्मी का मौसम हो,या पड़े कड़कती सर्दी
भारत मां की रक्षा करते ,पहन के फौजी वर्दी
याद आती है घर की मगर,फिर भी इन्हें सुहाती ये डगर
अड़ियल है दुश्मन, बर्फीली वादी
खाने को मिलती है, अक्सर रोटी सादी
देशभक्ति मन में लिए,सरहद पर सैनिक खड़े हैं
दिल से नमन है उन वीरों को,
भारत मां की रक्षा खातिर, जो बैरी से लड़े हैं
ये रणबांकुरे भारत के
Comments
22 responses to “ये रणबांकुरे भारत के”
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सुन्दर रचना
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धन्यवाद🙏
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धन्यवाद🙏
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Good one
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धन्यवाद
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धन्यवाद
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Thanks
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अति सुन्दर
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धन्यवाद🙏
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Nice..salute
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धन्यवाद🙏
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Beautiful! 👏🏻
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Thank you mam
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🇮🇳🇮🇳🇮🇳👌👌
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धन्यवाद जय हिंद
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क्या बात है
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धन्यवाद 🙏
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जय हिंद
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जय हिन्द… धन्यवाद
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Desh Bhakti Ko Dil Mein Bharti Uttam Rachna
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Very nice
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Thank you Kamla ji🙏
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