18 Comments

  1. मन- मस्तिष्क सब खुल जाते हैं,
    दूषित विचार भी धुल जाते हैं।
    वाह वाह, बहुत ही सुन्दर और समसामयिक कविता, भरपूर साहित्यिक सौंदर्य, वाह

    1. आपकी सुंदर और प्रेरणादायक समीक्षा के लिए कोटि – कोटि धन्यवाद। 🙏 ये मेरा उत्साह बढ़ाने में बहुत सहायक है।

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