रंग रंगीली होली आई

रंग रंगीली होली आई,
सबके मन उमंग भर लाई l
इंद्रधनुष धरा पर उतरा,
रंगा, रंग से कतरा कतरा l
रंगे रंग से सबके गाल,
लेकर घूमें सभी गुलाल l
गुजिया, लड्डू खूब खाए,
रंग सभी पर हैं बरसाएl
झोली भर कर खुशियाँ लाई,
रंग रंगीली होली आई॥
________✍गीता

Comments

11 responses to “रंग रंगीली होली आई”

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    1. Geeta kumari

      Thanks bro. Happy Holi to you too

  2. बहुत ही लाजवाब
    होली के साक्षात् दर्शन

      1. वेलकम

  3. रंग रंगीली होली आई,
    सबके मन उमंग भर लाई l
    इंद्रधनुष धरा पर उतरा,
    रंगा, रंग से कतरा कतरा l
    —– होली पर कवि गीता जी की उच्चस्तरीय रचना। भाव और शिल्प दोनों ही उच्चस्तरीय

    1. Geeta kumari

      उत्साहवर्धक और प्रेरक समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद भाई जी🙏

  4. vikash kumar

    झोली भर कर खुशियाँ लाई,
    रंग रंगीली होली आई॥
    ________✍गीता

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद विकास जी

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