रहती हैं यादें

यादें ही बस साथ हैं, जीवन में अवशेष,
बाकी सब मिटता रहा, नहीं बचा कुछ शेष,
नहीं बचा कुछ शेष, उग रहे सूख रहे सब,
नाशवान है जिन्दगी, जाने रुक जाए कब,
कहे लेखनी करें, भले कितनी फरियादें,
बीता नहीं लौटता बस रहती हैं यादें।

Comments

4 responses to “रहती हैं यादें”

  1. Rajeev Ranjan Avatar
    Rajeev Ranjan

    सत्य को बताती एक सरल विधि उत्तम कविता

  2. Geeta kumari

    “कहे लेखनी करें, भले कितनी फरियादें,
    बीता नहीं लौटता बस रहती हैं यादें।”
    _______सत्य कथन है सर, जाने वाले की यादें ही शेष रह जाती हैं सदा के लिए हृदय में,कितना भी याद करो फरियाद करो जाने वाले लौट कर नहीं आते हैं यही इस संसार का कटु सत्य है। छंद शैली में बहुत संजीदा और उम्दा प्रस्तुति।

  3. अति उत्तम

  4. यादें ही रह जाता हैं इंसान चले जाते है

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