तुमने तो बहन आज मुझे
पहना दी सुन्दर सी राखी,
प्यारी सी कोमल सी राखी
यह प्रेम रंग रंगती राखी।
यह राखी है अनमोल सूत्र
जो जोड़ रहा विश्वास अटल
कोई उपहार नहीं ऐसा
जो दे पाऊं इस राखी पर।
राखी पर
Comments
8 responses to “राखी पर”
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इस त्योहार की सुन्दर झांकी
प्रस्तुत की है आपने।
सच ही तो है दुनिया का सबसे निश्छल प्रेम है भाई बहन का प्यार।-
सादर धन्यवाद
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वेलकम
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Atisunder
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धन्यवाद जी
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nice
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सादर धन्यवाद जी
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सुंदर रचना…..वैसे उपहार तो देना होगा बहन को ऐसे छूट नहीं जाएंगे आप🙏
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