रात गुजर जाती है
तुम्हारे खयालातों में
तुम रोज़ ही कह देते हो
मिलने आऊंगा …
किस गली से होकर आओगे
ये भी तो बताते नहीं हो!
रात गुजर
Comments
9 responses to “रात गुजर”
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Wah ji wah
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Thnk u
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Good
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थैंक यू
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Nice
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थैंक्स
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वाह
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Thanks
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Good
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