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  1. ये उदासी की चुभन और दूरियों का दर्द ये,
    अश्क बनकर रात भर ये आँख में पलता रहा।…
    ……….उदास हृदय की व्यथा व्यक्त करती हुई कवियित्री अनु अनुवाद जी की अति सुंदर ग़ज़ल….बेहतरीन रचना

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