हे परमवीर हे युद्धवीर हे शरहद के रक्षक
दुश्मन के खातिर एक नकेल मैं देता हूँ।
दुश्मन मिल जाए गर्दिश में जिससे मिनटों में
एक आग्नेयास्त्र राफेल मैं देता हूँ।।
राफेल का भेंट
Comments
3 responses to “राफेल का भेंट”
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नाइस
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वीररस और आज परिपूर्ण पंक्तियाँ, वाह
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राफेल की भेंट।
वीर रस और कवि की देशभक्ति को दर्शाती हुई रचना
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