5 Comments

  1. यह कोरोना कहाँ की बीमारी आई है,
    इसने कैसी आफत मचाई है।
    इन्सान, इन्सान से डरने लगा,
    अदृश्य जीवों से मरने लगा।
    —– इन पंक्तियों ने बहुत ही सच्ची अभिव्यक्ति की है। आज मनुष्य असहाय है। लाजवाब रचना

    1. उत्साहवर्धन करती हुई इस सुंदर समीक्षा हेतु, बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी, हार्दिक आभार ।

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