3 Comments

  1. बहुत ही सुन्दर रचना है कवि विनय चंद शास्त्री जी ने अपनी कविता के माध्यम से समाज को संबोधित करते हुए कहा है कि निर्धन व्यक्ति पर दया भाव दिखाना चाहिए और उसकी उचित मजदूरी उसको दे देनी चाहिए ।….”अपने जैसा वंदा अखीर। खीचे रिक्शा लगा शरीर ।।
    वो भी तो एक इन्सान है .. इंसानियत का पाठ पढ़ाती हुई बहुत उम्दा रचना

  2. उसका नित सत्कार करो।
    उसका भी एक परिवार है
    ,सेवक बन आधार बनो।।

    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ। यथार्थ से आदर्श की ओर जाती बेहतरीन रचना।

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