6 Comments

  1. सुंदर पक्षी ना शुद्ध पवन
    कैसा होगा अपना कल।
    लगा लगाम लालच पर अपने
    सोच यही होगा इसका फ़ल।।
    अद्भुत लेखन, लाजवाब कविता। वास्तविकता को पूरी तन्मयता के साथ प्रस्तुत किया गया है। भाषा सरल व सहज है। वाह

    1. इतनी सुन्दर समीक्षा हेतु आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी।
      आपकी दी हुई समीक्षाएं सदैव ही उत्साहवर्धन करती हैं।

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