शत-शत नमन उस जन-नायक को
लोकनायक से जाने जाते थे
भारत-रत्न से सम्मानित,
इंदिरा विरोधी कहलाते थे ।
आज जन्म दिवस है उनका
हम नतमस्तक हो जाते हैं
विमल प्रसाद जिन्हें
“मानव पिता” कह जाते हैं ।
सितावदियरा की वह पावन भूमि
जहाँ जे.पी . का चेतनत्व हुआ
प्रभादेवी के संग, दाम्पत्य का श्रीगणेश हुआ
पर घर तक कहाँ वे सीमित रह पाते हैं
भारत-रत्न से सम्मानित, इन्दिरा विरोधी कहलाते हैं ।
आजादी के संघर्षों में सक्रिय होकर
कांग्रेस समाजवादी पार्टी का निर्माण किया
जन-आनंदोलन से समाजवाद का विचार दिया
“समाजवाद क्यूँ” की रचना कर,
पुनर्निर्माण सिद्धांत के रचयिता बन जाते हैं
भारत-रत्न से सम्मानित, इन्दिरा विरोधी कहलाते हैं ।
धर्म के नाम पर फूट डालो की नीति जब चलती थी
हमारे मतभेदों के बल पर अंग्रेज़ों की रोटी बनती थी
राष्ट्रवाद की अवधारणा को धर्मनिरपेक्षता का आधार दे
जाते हैं
भारत-रत्न से सम्मानित, इन्दिरा विरोधी कहलाते हैं ।
मानव पशु बन पाए, जो उसकी की हर भौतिक आवश्यकता पूरी हो,
नैतिकता को साथ बस उतना ही, जो जीवन की खातिर जरूरी हो
नैतिक मूल्यों को अपनाकर, आदर्शों का प्रतिष्ठान कर जाते हैं
भारत-रत्न से सम्मानित, इन्दिरा विरोधी कहलाते हैं ।
सदियों से सुसुप्त भारत में, पुनः जन संघर्ष प्रारम्भ किया
देश की तन्द्रा जाग्रति करने को नवक्रान्ति का संचार किया
नव भारत की रचना हेतु ” संपूर्ण क्रांति ” मंत्र दे जाते हैं
भारत-रत्न से सम्मानित, इन्दिरा विरोधी कहलाते हैं ।
लोकनायक
Comments
3 responses to “लोकनायक”
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लाजवाब
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सादर आभार
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अतिसुंदर
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