वक्त और तक़दीर

वक्त को हमने वक्त की तरह बड़ी मेहनत से कदर किया।
तभी तो आज मैं अपनी तक़दीर को अपने वश में किया।।

Comments

10 responses to “वक्त और तक़दीर”

  1. Geeta kumari

    Very nice

    1. Praduman Amit

      Thanks

    1. Praduman Amit

      Welcome Sir

  2. Satish Pandey

    सुन्दरपंक्तियाँ, जिसने वक्त की कद्र की उसने जीवन की कद्र की।

    1. Praduman Amit

      अवलोकन के लिए धन्यवाद।

  3. अरे वाह! ये हुई ना बात

    1. Praduman Amit

      आपकी समीक्षा ही मेरी हौसला है।

    1. Praduman Amit

      शुक्रिया मेहरबान।

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