वक्त को हमने वक्त की तरह बड़ी मेहनत से कदर किया।
तभी तो आज मैं अपनी तक़दीर को अपने वश में किया।।
वक्त और तक़दीर
Comments
10 responses to “वक्त और तक़दीर”
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Very nice
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Thanks
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👍✍👌
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Welcome Sir
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सुन्दरपंक्तियाँ, जिसने वक्त की कद्र की उसने जीवन की कद्र की।
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अवलोकन के लिए धन्यवाद।
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अरे वाह! ये हुई ना बात
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आपकी समीक्षा ही मेरी हौसला है।
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सुंदर
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शुक्रिया मेहरबान।
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