खट्टी मीठी यादों से आज
उस बेवफा की तस्वीर बनाई।
दिल में आ कर देखिए
दूर हो गया आज सनम हरजाई।।
अक्सर मैं सुना करता था
प्यार में रब बसता है।
गर रब बसता है तो मैने
मुहब्बत में धोखा क्यों खाई।।
वफा के बदले
Comments
5 responses to “वफा के बदले”
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बहुत सुंदर भाव
हर किसी को वफा के बदले वफा नहीं मिलती-

सही कहा आपने।
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बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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सुन्दर भावाभिव्यक्ति
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बहुत सुंदर
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