7 Comments

  1. एक युवती बन कर बेटी,
    मेरे घर आई है।
    अपने खेल खिलौने माँ के घर छोड़कर,
    हाथों में लगाकर मेहंदी
    और लाल चुनर ओढ़ कर
    मेरे घर आई है।
    —— बहुत खूब, बेहतरीन रचना, भाव व शिल्प का अद्भुत समन्वय

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