विचारधारा

परम सौंदर्य है सादगी, क्षमा उत्कृष्ट बल ।
अपनापन अत्युत्तम रिश्ता, परिश्रम तकलीफों का हल ।

Comments

22 responses to “विचारधारा”

  1. क्या बात है, बहुत खूब, “अपनापन अत्युत्तम रिश्ता,” ,में आनुप्रासिक अलंकरण से सुसज्जित, भाव प्रधान पंक्तियाँ, गागर में सागर है। यही खूबी है आपकी जो लिखा सटीक, लयबद्ध, अलंकारिक और स्तरीय लिखा, वाह।

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका सतीश जी 🙏 इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक आभार ।आपकी समीक्षाएं बहुत प्रेरक हैं, मुझे लेखन में बहुत उत्साह प्रदान करती हैं ।

  2. बहुत ही उम्दा ।
    चमत्कारी लेखनी है आपकी

    1. Geeta kumari

      अरे, इस सुंदर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सुमन जी 🙏
      बहुत बहुत आभार आपका ।

  3. बहुत ही लाजवाब कविता

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका चंद्रा जी🙏 आभार

  4. बहुत सुंदर, wow

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद कमला जी,बहुत बहुत आभार 🙏

    1. Geeta kumari

      Thank you pragya

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद भाई जी 🙏

  5. बहुत शानदार

    1. Geeta kumari

      सादर आभार एवं धन्यवाद सर 🙏

  6. Piyush Joshi

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद पीयूष जी 🙏

  7. Indu Pandey

    बहुत लाजवाब

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका इंदु जी 🙏

  8. Isha Pandey

    Bahut khhob

    1. Geeta kumari

      Thank you very much Isha ji

  9. Seema Chaudhary

    लाजवाब

    1. Geeta kumari

      शुक्रिया जी

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