वो आये दबे पांव से यूं

वो आये दबे पांव से यूं
कानों ने तो कुछ सुना नहीं
मगर दिल ने सब सुन लिया

Comments

14 responses to “वो आये दबे पांव से यूं”

  1. Geeta kumari

    बहुत सुंदर रचना वसुंधरा जी

  2. वाह क्या कहने, वसुंधरा जी, बहुत खूब

  3. सुन्दर पंक्तियां

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar

    जिनके साथ गहरे आंतरिक सम्बंध होते हैं
    उनका आभास मन में हो ही जाता है।
    बहुत सुंदर पंक्तियां

  5. Praduman Amit

    इसे ही कहते है लोग सच्ची मुहब्बत।
    खुदा करे लगे न कभी इन पर तोहमत।।

Leave a Reply

New Report

Close