10 Comments

  1. जब तू उदास हो, भले कोई ना पास हो, जो सदैव साथ दे
    वो माँ होती है।
    आदरणीया प्रज्ञा जी की रचना की दो पंक्तियाँ आपको समर्पित करता हूँ।
    👌

    1. हां सर! पढ़ा मैंने भी, बहुत अच्छा लिखा है उन्होंने, सबकुछ अलग है किंतु अंतिम दो पंक्तियां सच में मिल रही है ।शायद ये भाव स्वाभाविक है, इसलिए!

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