सच में बहुत बुरी हूँ मैं
कमियां ही कमियां हैं मुझमें
एक भी अच्छाई नहीं है
पर कमियों के साथ ही
जो स्वीकार करती है मुझे
वो है मेरी माँ…
हर गलती पर मुझे डाटती है
और फिर माफ कर देती है
वो है मेरी माँ…
वो है मेरी माँ
Comments
4 responses to “वो है मेरी माँ”
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Nice thought..
Beautiful line -

माँ के लिए सुंदर कविता
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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बहुत खूब
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