शब्द चित्र

सांझ पड़ रही है
धीरे धीरे अँधेरा
रफ़्तार ले रहा है।
चिडियांएं
घौंसलों में लौट रही हैं।
पहाड़ों की चोटियों से
झुरमुट-झुरमुट
उजाला लौट रहा है
छिपे सूरज की ओर।
अँधेरा उतर रहा है
नीचे की ओर।
आओ लाइट जलाते हैं,
अपने भीतर
उजाला बनाते हैं।
— Dr. satish Pandey

Comments

5 responses to “शब्द चित्र”

  1. Geeta kumari

    प्राकृतिक दृश्य की सुंदर पंक्तिया

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  2. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    मनोहर

    1. Satish Pandey

      सादर आभार

  3. चिड़िया ही होगा ।
    धीरे-धीरे में योजक चिह्न का प्रयोग

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