शहीद हुए मतवाले

। भगत सिंह और राजगुरु के संघर्षों बलिदानों की,
ये धरती है वीर बहादुर चौड़ी छाती वालों की,
ब्रिटिश राज को धूमिल कर मिट्टी में मिलाने वालों की,
माँ के आँचल को छोड़ तिरंगे की शान में मिटने वालों की,
ये कविता नहीं कहानी है उन माँ के प्यारे लालों की,
खोकर अपनी हस्ती को भी अमर हुए जवानों की,
झुककर नमन करने फिर आँखों में अश्रु आने की,
लो फिर से आई है बेला याद करें हम,
देश की खातिर लड़ते लड़ते जो शहीद हुए उन मतवालों की॥
राही (अंजाना)

Comments

10 responses to “शहीद हुए मतवाले”

  1. Shruti Avatar
    Shruti

    Waah badhiya

  2. Sridhar Avatar
    Sridhar

    bahut khoob shakun sahab…badia

    1. Shakun Avatar

      धन्यवाद भाई

    1. Shakun Avatar

      धन्यवाद।। प्लीज़ लाइक माई पोस्ट also

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

  4. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

  5. Pratima chaudhary

    बहुत ही बेहतरीन

  6. Satish Pandey

    bahut sundar

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