यह संसार है
यहां के कुछ नियम होते हैं
यहाँ दिखावे की बजाय
लोग दिल से अपने बनाने होते हैं।
यहां इज्जत पाने से पहले
दूसरे को सम्मान देना पड़ता है।
शिखर में चढ़ने के लिए
झुकना भी पड़ता है,
दिलों में राज करने के लिए
त्याग करना पड़ता है,
स्वार्थ त्याग कर
दूसरों के लिए भी
कुछ करना पड़ता है।
सत्य के लिए लड़ना पड़ता है,
अन्यथा सब नहले के दहले होते हैं,
कौन किस से कमतर होता है,
वक्त आने पर
सीधा भी प्रखर होता है।
सत्य के लिए लड़ना पड़ता है
Comments
5 responses to “सत्य के लिए लड़ना पड़ता है”
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अतिसुंदर भाव
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बिलकुल सही कहा है आपने
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वाह बहुत खूब
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बिल्कुल सही कहा आपने
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किसी भी व्यक्ति को इस समाज में रहने एवम् सम्मान पाने योग्य बनने के गूढ़ रहस्य बताती हुई,कवि सतीश जी की बहुत ही उम्दा पंक्तियां,
“यहां इज्जत पाने से पहले दूसरे को सम्मान देना पड़ता है।…
दिलों में राज करने के लिए त्याग करना पड़ता है,”
इतनी जटिल बात को इतने सरल ढंग से प्रस्तुत करती हुई बहुत ही सुन्दर रचना,वाह लाजवाब
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