सफलता
क्या है सफलता
गरीबी से अमीरी की ओर
हार से जीत की यात्रा
कांटो से फूलों तक की यात्रा
या….आलिशान घर,बड़ी गाड़ी,
और नौकर चाकर,
खुली आंखों से देखे
सपनों का खुशनुमा अंत।
सफलता एक सीढ़ी है
जिसकी हर निसैनी
बनती है प्रेरणा, अभिव्यक्ति,
एहसास ,जुनून, उन्माद से ,
जो देती है जीवन को प्रवाह
पर..महामाया भी है सफलता,
अहंकार,द्वेष और अवसाद की जननी
विनम्रता और ईर्ष्या से करती है
एक जंग की शुरुआत
आप ही बताइए ..
सही सफलता क्या
मन की खुशी नहीं ?
इन्द्रियों पर विजय नहीं?
जहाँ भौतिक सुखों की
कोई अहमियत नहीं
असली मायने तो सफलता के
समन्वय के साथ हर स्थिति में
है खुशहाल रहने में , है
कमजोरी को ताकत बनाने में
अपने बदलाव तय करने में
सफलता घटना नहीं जो
घट जाएगी,..
वस्तु भी नहीं कि मिल जाएगी
सफलता तो परिणाम है
हमारी सोच का,जो तय करती है
लक्ष्य और उसके प्रति..
समर्पण , और देती है शांति
आंतरिक विकास
स्वरचित
रचना निर्मल
दिल्ली
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