11 Comments

    1. Tq
      ऐ आप की महानता है प्रज्ञाजी, चार चांद तो आप ने लगाया था कविता पढ़कर ,हमें बहुत अच्छी
      थी आप की रचना

      1. आभार आप सहृदय हैं इसलिए ऐसा कह रहे हैं
        बाकी मेरी नजर में मेरा परफार्मेंस सबसे खराब था.. क्योंकि हड़बडा़हट में पता नहीं क्या-क्या बोला मैंनै..
        अगली बार बेहतर करूंगी…

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