11 Comments

  1. समन्दर की गहराइयों में
    उतर के देखो तो एक बार।
    बहुत से राज खुल जाएंगे
    ………. बहुत सुंदर रचना है भाई जी, , ” जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ”…. सागर जितनी गहराई लिए हुए अत्यंत सुंदर रचना

  2. समन्दर की गहराइयों में
    उतर के देखो तो एक बार।
    बहुत से राज खुल जाएंगे
    जो छुपे हुए थे हरेक बार।।
    मोती भी हैं सीप भी प्यारे
    रत्नों का है बड़ा खजाना।

    देर आए दुरुस्त आए

    बहुत ही सरस, मधुर तथा कवि मन को आनन्दित करती रचना

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