सादगी भाती है

गरम चाय पीने से
ताजगी आती है,
तुम्हारे व्यक्तित्व की
सादगी भाती है।
सवेरा भी जरूर
होता है राह दिखाने को
अंधेरा भी मिटता है,
रात भी जाती है।
मेहनत का फल
जरूर मिलता है,
ऊँची सफलता
हाथ भी आती है।
धरती में अर्जित धन
यहीं रह जाता है,
अच्छाई- बुराई तो
साथ भी जाती है।
तुम्हारे जाने के बाद
भुला नहीं देते हम
कभी कभी तो
याद भी आती है।

Comments

10 responses to “सादगी भाती है”

  1. बहुत ही सुंदर रचना

  2. वाह जी वाह

  3. वाह बहुत खूब

  4. Geeta kumari

    मेहनत का फल
    जरूर मिलता है,
    ऊँची सफलता
    हाथ भी आती है।
    ________ मेहनत के फल की महत्ता को बताती हुई,और मनुष्य की सादगी में ही उसकी सुन्दरता है यह उच्च विचार प्रस्तुत करती हुई कवि सतीश जी की बहुत शानदार कविता, सुन्दर शिल्प और सुंदर भाव लिए हुए उत्तम प्रस्तुति

  5. बहुत ख़ूब पाण्डेय जी

  6. बहुत सुंदर

  7. vikash kumar

    JAY ho

  8. वाब वाह बहुत ही सुंदर

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