7 Comments

  1. अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करने
    आए हैं हम नौजवान
    देख रहा नतमस्तक होकर
    अपनी दिलेरी आसमान।
    बहुत ही लाजवाब अभिव्यक्ति, जय हिंद

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