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  1. सुकून!!
    तू मेरे पास कब होता है,
    तुझे ही मालूम है,
    या मुझे ही पता है,
    यही तो तेरी अदा है,
    जब मैं कर्तव्य पथ पर
    रमा होता हूँ,
    ……………. जीवन की सच्चाइयों को परिलक्षित करती हुई कवि सतीश जी की एक उत्कृष्ट रचना… अति उत्तम लेखन

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