सुख -दुख जीवन का हिस्सा है,
ये तो ज़िन्दगी भर का किस्सा है
निराशा का भाव दे सुख की घड़ी,
आशा का संचार करें, एक नज़र तारीफ भरी
सुख देकर ही सुख मिलता है,
दुख देकर ना कोई सुखी
बारी-बारी जीवन में सुख-दुख आएंगे
नहीं आए तो हम अनुभव कहां से लाएंगे
रोते-रोते भेजा प्रभु ने,
कुछ तो इसका कारण होगा
आगाह किया था शायद हमें,
इतना भी अच्छा ना जीवन होगा
मीठी यादों से मीठी बातों से,
जीवन को सुखी बनाना है
सदा प्रेम से रहना मानव,
सुख-दुख तो आना जाना है ।।
______✍️गीता
सुख-दुख जीवन का हिस्सा
Comments
6 responses to “सुख-दुख जीवन का हिस्सा”
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बिल्कुल सही कहा आपने सुख और दुःख जीवन का अंग है धूप और छांव की तरह यह आते जाते रहते हैं और हमें बहुत कुछ सिखाते भी हैं
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कविता की इतनी अच्छी समीक्षा करने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद प्रज्ञा जी
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उम्दा अभिव्यक्ति
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बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी 🙏
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अतिसुंदर भाव
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बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏
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