सुन्दर तेरी रचना
अति सुन्दर तेरी रचना विधाता
रंग बिरंगी सृष्टि रची,
जा में नाना तरह
जीवजाति बसी।
नाना तरह की, विविध तरह
जीवन ज्योति जगी।
अति सुन्दर तेरी रचना विधाता,
कल-कल करती नदिया-झरने
वन-उपवन, फुलवारी सजी
अति सुंदर तेरी रचना विधाता
अति सुन्दर तेरी रचना।
प्यार मुहब्बत,
भावना कोमल,
दया-ममता सब ओर सजी।
अति सुन्दर तेरी रचना विधाता
अति सुंदर तेरी रचना।
सुन्दर तेरी रचना
Comments
6 responses to “सुन्दर तेरी रचना”
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बहुत ही शानदार रचना
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अति सुन्दर तेरी रचना विधाता
रंग बिरंगी सृष्टि रची,
______ सुन्दर सृष्टि पर रची गई कवि सतीश जी की अति सुन्दर रचना बहुत सुंदर शिल्प और बहुत सुंदर भाव….वाह ,लेखनी की प्रखरता को प्रणाम सर -
YOUR POEM BASED ON GOD AND NATURE.
BAHOOT SUNDAR
JAA:_ JAHAN
SIR JEE
TYPING MISS -

बहुत खूब
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सुन्दर तेरी रचना
अति सुन्दर तेरी रचना विधाता
रंग बिरंगी सृष्टि रची,
जा में नाना तरह
जीवजाति बसी।
नाना तरह की, विविध तरह
जीवन ज्योति जगी।भगवान से सबके कल्याण की विनती करती और उसक् लिए धन्यवाद कहती रचना
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