सुप्रभात लिखते लिखते

सुप्रभात लिखते -लिखते
फिर से सबेरा हो गया ।
उपालम्भ आया फिर भी
आखिर ऐसा क्या हो गया?

Comments

7 responses to “सुप्रभात लिखते लिखते”

  1. वाह वाह, बहुत खूब

    1. सुप्रभात धन्यवाद

  2. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    suprabhat

    1. सुप्रभात धन्यवाद

  3. बहुत सुंदर अभव्यक्ति है भाई जी

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